ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने विशेष ‘सुरक्षित ओडिशा, विकसित ओडिशा’ अग्नि सुरक्षा ऑडिट अभियान के तहत 19 दिनों में राज्यभर के 2,872 वाणिज्यिक, सरकारी और गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान 15 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलाया गया। इसका उद्देश्य अग्नि सुरक्षा उपायों को मजबूत करना तथा लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों में दक्षिणी जोन (बरहामपुर) के 959, उत्तरी जोन (संबलपुर) के 931 और केंद्रीय जोन (कटक) के 931 प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी देबेंद्र कुमार स्वैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने तीन प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन अधिकारियों ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता, आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशील स्थिति, आपातकालीन निकास एवं दरवाजों की पहुंच, अग्निशमन प्रणालियों की कार्यशीलता तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की जांच की।
अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के लिए सुरक्षित निकासी प्रक्रिया, बुनियादी अग्नि सुरक्षा उपायों और अग्निशामक यंत्रों के सही इस्तेमाल को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए।
जहां भी नियमों का उल्लंघन, अपर्याप्त अग्निशमन उपकरण या अन्य सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं, वहां प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर करने के लिए अनुपालन नोटिस जारी किए गए। विभाग ने कहा कि वह यह सुनिश्चित कर रहा है कि तय समय के भीतर इन कमियों को दूर किया जाए।
विभाग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल अग्नि सुरक्षा में कमियों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि रोकथाम, तैयारियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षित निकासी व्यवस्था को भी मजबूत करना है।
ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने कहा कि राज्यभर में यह विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी और व्यापक, नियमित तथा सख्त तरीके से जारी रहेगा।