नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच ओडिशा के पांच लोग अब भी लापता हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उनके सुरक्षित बचाव के लिए केंद्र सरकार और नेपाल दूतावास के साथ समन्वय कर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। पुजारी ने कहा कि ओडिशा सरकार स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और लापता लोगों का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार तथा काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय कर रही है।
मंत्री ने कहा कि ओडिशा के पांच लोग अभी भी लापता हैं। हम केंद्र सरकार और नेपाल दूतावास के समन्वय से उन्हें सुरक्षित बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
लापता लोगों के संबंध में जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पुजारी ने कहा कि आपदा में फंसे या लापता सभी लोगों के सुरक्षित बचाव के लिए भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की जा रही है।
नेपाल के चार जिलों में आई इस विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ में शहर, गांव, मकान, सड़कें और पुल बह गए हैं। मृतकों की संख्या बढ़कर 472 हो गई है, जबकि 1,600 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 290 से अधिक भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 देशों के पर्यटकों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है, जिनमें 63 अमेरिकी और 25 कनाडाई नागरिक शामिल हैं।
खोज और बचाव अभियान जारी रहने के बीच अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। कई स्थानों से शव बरामद किए जा रहे हैं, जिनमें बाढ़ के पानी और कीचड़ से प्रभावित इलाके भी शामिल हैं।
करीब 13,000 कर्मी राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। नेपाल की सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। बाढ़ के कारण संपर्क से कटे इलाकों में हेलीकॉप्टरों के जरिए भोजन के पैकेट, टेंट और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
बाढ़ से बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान हुआ है। 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। परिवहन और संचार नेटवर्क भी बुरी तरह बाधित हुए हैं। करीब 40 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह बह गई हैं, जबकि तेज बाढ़ के बहाव में 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह जाने की खबर है।
सड़कों और पुलों के नष्ट होने से कई इलाके दुर्गम हो गए हैं। इससे बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है और आपातकालीन टीमों के लिए बाढ़ के पानी तथा कीचड़ में फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
इस बीच, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने 24 घंटे का कंट्रोल रूम शुरू किया है और जारी बचाव अभियान के बीच भारतीय नागरिकों तथा उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।