ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को गंजाम, कोरापुट और नवरंगपुर जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ के बाद की स्थिति और हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भुवनेश्वर से कंधमाल और गंजाम को जोड़ने वाले कलिंग घाटी के लिए रवाना हुए। हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण कर वे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों से कलिंग घाटी मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। मार्ग पर अभी भी बड़े-बड़े पत्थर पड़े हुए हैं। दो स्थानों पर हुए भूस्खलन के बाद इस रास्ते से आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री कलिंग घाटी की स्थिति के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की स्थिति और उसके दायरे का भी जायजा लेंगे।
इस हवाई सर्वेक्षण में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे।
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य तीनों जिलों में बाढ़ के बाद की स्थिति का आकलन करना, प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की समीक्षा करना और कालिंगा घाटी मार्ग की मौजूदा स्थिति का जायजा लेना है।