ओडिशा सरकार ने अब हर सोमवार को ‘नो मीटिंग डे’ घोषित किया है। इसका उद्देश्य साप्ताहिक जन शिकायत सुनवाई को सुचारू रूप से संचालित करना और वरिष्ठ अधिकारियों की इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सामान्य प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग की ओर से रविवार को जारी आदेश में सरकार के प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, आयुक्त-सह-सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे सोमवार को किसी भी बैठक का आयोजन न करें, जब तक कि वह बेहद जरूरी न हो।
आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार प्रत्येक सोमवार को सरकारी कार्यालयों में साप्ताहिक जन शिकायत सुनवाई आयोजित की जा रही है। हालांकि, सरकार के संज्ञान में आया है कि इसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर विभिन्न बैठकें भी निर्धारित की जा रही हैं, जिससे शिकायत सुनवाई में उनकी भागीदारी प्रभावित हो रही है।
आदेश में कहा गया है कि साप्ताहिक जन शिकायत सुनवाई व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को ‘नो मीटिंग डे’ घोषित किया जाता है।
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों से सोमवार को किसी भी प्रकार की बैठक आयोजित करने से बचने को कहा है। केवल अत्यंत जरूरी मामलों में ही बैठक आयोजित की जा सकेगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन आने वाले सभी सरकारी कार्यालयों में भी इसी तरह के निर्देश जारी करने को कहा गया है।
सरकार का यह कदम वरिष्ठ अधिकारियों को आम लोगों की शिकायतें सुनने और नागरिकों की समस्याओं के प्रति प्रशासन की जवाबदेही एवं तत्परता बढ़ाने के लिए अधिक समय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रधान सचिव सुरेश कुमार वशिष्ठ ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को इस निर्देश को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए इसका पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।