ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि उनके हालिया यूएई दौरे के दौरान राज्य को 2.43 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब नौ लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यूएई से लौटने के बाद भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने और राज्य के भीतर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा पूरी करने के बाद युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिल सके।
माझी ने कहा कि यूएई दौरा ओडिशा के औद्योगिकीकरण अभियान में एक नया अध्याय है, जो पिछले दो वर्षों से जारी है।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित ‘उत्कर्ष ओडिशा–मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव’ के बाद राज्य सरकार की एक विशेष टीम नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, गुजरात और सिंगापुर सहित प्रमुख कारोबारी केंद्रों का दौरा कर ओडिशा में निवेश आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों से राज्य की आर्थिक वृद्धि तेज हो रही है और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
8 से 12 सितंबर तक चले यूएई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने 9, 10 और 11 सितंबर को अबू धाबी और दुबई में निवेशकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने 52 कारोबारी बैठकें कीं, जिनमें छह राउंडटेबल चर्चा और 46 आमने-सामने की बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में करीब 400 उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
दौरे के दौरान 8 समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए और 16 निवेश प्रस्ताव सामने आए। इससे कुल ₹2,43,162 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
इन प्रस्तावों से 6,18,725 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार को मिलाकर कुल रोजगार के अवसर करीब 9 लाख होने का अनुमान है।
माझी ने कहा कि पहले से मिले ₹20 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को जोड़ने के बाद राज्य में कुल निवेश प्रस्ताव अब ₹22.5 लाख करोड़ तक पहुंच गए हैं।
यूएई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री तथा इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट काउंसिल के अध्यक्ष अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री और आईएचसी के प्रबंध निदेशक सैयद बसर शुएब के साथ भी चर्चा की।
माझी ने कहा कि आईएचसी और अडानी समूह के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए ओडिशा में 14 नई परियोजनाओं के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि रायगड़ा और सुंदरगढ़ जिलों में दोनों कंपनियों की एकीकृत एल्युमिनियम परियोजनाओं से जुड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएई में सफल ओडिया उद्यमियों और ओडिया प्रवासियों के साथ बातचीत से कारोबारी और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ बनाने और अगले एक दशक में ओडिशा को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
सरकार शिक्षित युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने पर भी जोर दे रही है, ताकि राज्य में स्थापित होने वाली नई फैक्ट्रियों और कार्यालयों में काम करने के लिए वे रोजगार के लिहाज से तैयार हो सकें।
माझी ने कहा कि प्रारंभिक सफलता के बाद सरकार का अगला लक्ष्य इन निवेश प्रस्तावों और एमओयू को तेजी से लागू करना और उत्पादन शुरू करना है, जिससे निकट भविष्य में राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
हवाईअड्डे पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिग, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक और सरकारी मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान समेत कई नेता मौजूद रहे।
कई विधायकों, पूर्व विधायक प्रियदर्शी मिश्रा, समाजसेवी जगन्नाथ प्रधान और अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के लौटने पर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।