झारखंड को देश के प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी और इनोवेशन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आरएमजेड इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रेसिडेंट दीपक छाबड़िया ने उनके कांके रोड स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में रांची में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित करने, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने और नई तकनीकों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन हुआ। प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में आधुनिक आईटी पार्क को क्रियाशील करने की तैयारी है। इसके प्रथम चरण में लगभग 20 हजार तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। जबकि अगले तीन वर्षों में क्षमता विस्तार करते हुए कुल 75,000 उच्च-कौशल आधारित नौकरियों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। इससे राज्य के इंजीनियरिंग व तकनीकी युवाओं को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय अवसर मिलेंगे और प्रतिभा पलायन पर रोक लगेगी।
इस महत्वाकांक्षी आईटी पार्क के लिए रांची के सबसे प्रमुख प्रशासनिक व शैक्षणिक कॉरिडोर को चुना गया है। आईआईएम रांची, नए विधानसभा परिसर और झारखंड उच्च न्यायालय के निकट उपलब्ध लगभग 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इस परिसर में आधुनिक कार्यालय, मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी और बहुराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों के अनुकूल वैश्विक सुविधाएं तैयार की जाएंगी।