प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव उत्साहियों के लिए खुशखबरी है। वार्षिक मगरमच्छ प्रजनन एवं अंडे देने के मौसम के कारण करीब तीन महीने तक बंद रहने के बाद भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।
वन विभाग ने पर्यटन गतिविधियों की दोबारा शुरुआत के अवसर पर पहले जत्थे में पहुंचे पर्यटकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। अब पर्यटक उद्यान की मनमोहक जलधाराओं में नौका विहार का आनंद लेने के साथ-साथ यहां के समृद्ध जैव विविधता वाले मैंग्रोव वन, प्रसिद्ध खारे पानी के मगरमच्छों तथा विभिन्न वन्यजीवों और प्रवासी पक्षियों को करीब से देख सकेंगे।
खारे पानी के मगरमच्छों के प्रजनन और अंडे देने की प्रक्रिया को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान को हर वर्ष मई से जुलाई तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाता है। वन विभाग के अनुसार यह मौसमी प्रतिबंध मगरमच्छों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रजनन अवधि समाप्त होने के बाद अब पर्यटकों को एक बार फिर इस अनूठे मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र का भ्रमण करने की अनुमति मिल गई है। पहले की तरह इस वर्ष भी गुप्ती, खोला और डांगमाल से नौका विहार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे पर्यटक अभयारण्य के प्राकृतिक जलमार्गों और वन्यजीवों का नजदीक से आनंद ले सकेंगे।
वन विभाग ने डांगमाल स्थित आवासीय सुविधाएं भी फिर से शुरू कर दी हैं, जहां पर्यटक रात्रि विश्राम कर शांत और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा नए पर्यटन सत्र के लिए सभी सुविधाएं बहाल कर दी गई हैं। विभाग को उम्मीद है कि उद्यान के दोबारा खुलने से राज्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक ओडिशा के इस प्रसिद्ध मैंग्रोव अभयारण्य का रुख करेंगे।