पवित्र देवस्नान पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में आयोजित भव्य स्नान यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पुरी सांसद संबित पात्रा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और सुदर्शन के दिव्य दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, "देवस्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्नान वेदी पर चतुर्धामूर्ति के दिव्य दर्शन कर मैं स्वयं को असीम सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। महाप्रभु की असीम कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति आए। प्रभु श्रीजगन्नाथ के श्रीचरणों में यही मेरी प्रार्थना है।"
इससे पहले सुबह मंगला आरती के बाद पारंपरिक पहंडी शोभायात्रा के माध्यम से भगवानों को स्नान मंडप तक लाया गया। मंदिर परिसर में पूर्व दिशा की ओर स्थित इस स्नान मंडप पर दैतापति सेवकों ने भगवानों को 'सेनापट्टा' नामक बाउला लकड़ी से बने विशेष कवच धारण कराए।
इसके बाद भगवानों का 108 कलशों में सुगंधित औषधीय जल से विधिवत देवस्नान कराया गया। स्नान से पूर्व और बाद में मंदिर की परंपरा के अनुसार कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा से पहले आयोजित होने वाली स्नान यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस पावन अवसर पर ओडिशा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचकर महाप्रभु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।