मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को नई दिल्ली में नए ओडिशा भवन के निर्माण के लिए आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई इमारत ओडिशा की समृद्ध विरासत, कला और संस्कृति को दर्शाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान ओडिशा भवन पुराना हो चुका है और उसमें पर्याप्त स्थान तथा आधुनिक सुविधाओं की कमी है। नया भवन तीन बेसमेंट, एक भूतल और छह अतिरिक्त मंजिलों वाला होगा, जिसमें 45 पूरी तरह सुसज्जित सुइट्स होंगे। पहली मंजिल पर प्रदर्शनी क्षेत्र और दूसरी मंजिल पर 70 सीटों वाला सम्मेलन कक्ष बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 93.27 करोड़ रुपये है।
राज्य सरकार प्रमुख शहरों में ओडिशा भवनों के माध्यम से प्रशासनिक समन्वय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की योजना बना रही है। नई दिल्ली के अलावा अयोध्या, बेंगलुरु और सूरत में भी ओडिशा भवन स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के लिए संबंधित राज्यों से भूमि की मांग की जा रही है।
वर्तमान में ओडिशा भवन कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में संचालित हो रहे हैं। मुंबई में भी निवासियों की सुविधा के लिए एक नया भवन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी भवनों और सदनों के रखरखाव के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा, भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन चौक के पास एक सार्वजनिक आश्रय भवन का निर्माण किया जाएगा। यह सुविधा अन्य जिलों से जरूरी कार्य के लिए शहर आने वाले लोगों को तीन दिनों तक कम लागत पर ठहरने की सुविधा प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, ओडिशा के कार्य मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, बरगढ़ सांसद प्रदीप पुरोहित और कार्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह उपस्थित थे।