ओडिशा की अनुकूल मिट्टी और जलवायु का लाभ उठाते हुए कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के अधीन उद्यान निदेशालय की ओर से गुरुवार को भुवनेश्वर के कृषि भवन में उद्यान अधिकारियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में कृषि विकास को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना था। कार्यक्रम का आयोजन उपमुख्यमंत्री (कृषि एवं किसान सशक्तीकरण तथा ऊर्जा) कनक वर्धन सिंहदेव, आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव, उद्यान निदेशक कलुंगे गोरख वामन और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड का दौरा करने, किसानों से सीधे संवाद करने, उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके ठोस समाधान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से जमीनी स्तर तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त ज्ञान को सीधे फील्ड में लागू करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि निदेशक समेत सभी अधिकारी हर महीने किए गए फील्ड दौरों की रिपोर्ट विभाग को सौंपें।
सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। खाद्य तेल की कमी को कम करने के लिए ऑयल पाम की खेती का विस्तार, फसल की गुणवत्ता में सुधार कर अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार को लक्षित करना तथा जमीन से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए व्यावसायिक फूलों की खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
तकनीकी सत्रों में आधुनिक कृषि पद्धतियों, उन्नत तकनीक को अपनाने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, फसल कटाई के बाद उचित प्रबंधन तथा किसानों से उपभोक्ताओं तक सीधे बिक्री की व्यवस्था को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, ‘खेती एग्रो प्राइवेट लिमिटेड’ और उद्यान निदेशालय के बीच जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसे ओडिशा में उद्यानिकी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और किसानों की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त निदेशक गीताश्री पाढ़ी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।