प्लस टू (कक्षा 12) की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2 अप्रैल 2026 से दो चरणों में शुरू होगा। रिपोर्ट के अनुसार पहला चरण 2 अप्रैल से 13 अप्रैल तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 15 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 16,000 शिक्षक लगाए जाएंगे।
विज्ञान, वाणिज्य और कला (आर्ट्स) संकाय के कुछ विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का ई-मूल्यांकन (e-evaluation) किया जाएगा, जबकि आर्ट्स और व्यावसायिक (वोकेशनल) संकाय के कुछ विषयों की कॉपियों का मूल्यांकन मैन्युअल रूप से किया जाएगा। ई-मूल्यांकन केंद्रों में कंप्यूटर हैंग जैसी समस्याओं से बचने और प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया अप्रैल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है, जबकि परिणाम मई के तीसरे सप्ताह में घोषित किए जाएंगे। यह जानकारी उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (CHSE) के परीक्षा नियंत्रक प्रशांत कुमार परिडा ने दी।
गौरतलब है कि प्लस टू परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए कुल 151 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 76 ऑफलाइन और 75 ऑनलाइन केंद्र शामिल हैं। पहले चरण में लगभग 3,500 परीक्षक ऑनलाइन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे, जबकि 4,500 परीक्षक ऑफलाइन कॉपियों की जांच करेंगे। दूसरे चरण में 8,000 परीक्षक इस कार्य में शामिल होंगे।
कुल मिलाकर लगभग 25 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा, जिनमें 15 लाख ऑफलाइन और 10 लाख ऑनलाइन कॉपियां शामिल हैं। चारों संकायों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक साथ किया जाएगा और मूल्यांकन केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
निर्देश के अनुसार, मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित समय पर केंद्रों पर उपस्थित होना होगा। दैनिक कार्य पूरा होने तक किसी को भी केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षकों के प्रवेश और निकास समय को रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
मूल्यांकन केंद्रों में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मूल्यांकन कार्य प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।