सोआ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के चिकित्सा विज्ञान संकाय अंतर्गत आईएमएस एंड सम हॉस्पिटल के पैथोलॉजी विभाग में फिलिप्स पैथोलॉजी स्कैनर एसजी 300 स्थापित किया गया है। यह अत्याधुनिक मशीन प्रति घंटे 60 स्लाइड स्कैन करने में सक्षम है और जटिल व अस्पष्ट मामलों के त्वरित निदान में मदद करेगी।
पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. (डॉ.) देवहुति महापात्र ने शुक्रवार को उपकरण के अनावरण के बाद कहा कि यह स्कैनर पैथोलॉजी स्लाइड्स को सॉफ्टवेयर फॉर्मेट में सुरक्षित रखने का कार्य करेगा, जिससे रिपोर्टिंग और रेफरल के लिए कांच की स्लाइड्स के उपयोग में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह तकनीक मरीजों के फॉलो-अप में भी बेहद उपयोगी साबित होगी।
प्रो. (डॉ.) महापात्र ने बताया कि यह उपकरण प्रतिष्ठित चिकित्सा केंद्रों के साथ टेली-कॉन्फ्रेंसिंग में मदद करेगा, जिससे निदान संबंधी त्रुटियों में कमी आएगी। इसमें पांच वर्षों तक डेटा सुरक्षित रखने की सुविधा भी होगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पहली बार किसी मेडिकल सेंटर में यह मॉडल स्थापित किया गया है, जबकि पूरे देश में यह सुविधा पाने वाला यह दूसरा अस्पताल है।
सोआ डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रदीप्त कुमार नंद ने कहा कि यह तकनीक तेज निदान और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन में सहायक होगी। साथ ही इससे शिक्षण, सेमिनार और शोध की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
आईएमएस व सम हॉस्पिटल के डीन संघमित्रा मिश्रा ने कहा कि नई मशीन जटिल और कठिन मामलों के समाधान में काफी मददगार होगी तथा निदान की सटीकता बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों की देखभाल और शोध कार्य का स्तर और बेहतर होगा।
अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट पुष्पराज सामंतसिंहार ने कहा कि यह उन्नत मशीन निदान में लगने वाले समय को कम करेगी और स्नातकोत्तर छात्रों के प्रशिक्षण व अध्ययन में भी सहायक होगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त डीन डॉ. अजय कुमार जेना और बायो-मेडिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रमुख मनोरमा परिडा भी उपस्थित थीं।