ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग की ओर से एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से “ओडिशा के लिए सतत शहरी परिवहन संक्रमण योजनाओं की तैयारी” विषय पर एक इनसेप्शन वर्कशॉप का आयोजन आज यहां खारवेल भवन में किया गया।
इस पहल का उद्देश्य भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीकेपीपीईआर) के लिए एक व्यापक और टिकाऊ शहरी परिवहन ढांचा तैयार करना है। इसमें क्षेत्रीय परिवहन योजना, सार्वजनिक बस सेवाओं में बदलाव और टिकाऊ शहरी परिवहन के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विजन 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप है।
वर्कशॉप के दौरान एडीबी की टीम ने इनसेप्शन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों और सुझावों को प्रस्तुत किया। इस दौरान बीकेपीपीईआर के लिए व्यापक क्षेत्रीय परिवहन योजना, बस सेवा परिवर्तन रोडमैप और प्रस्तावित ओडिशा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों और हितधारकों ने भी इस दौरान अपने सुझाव दिए।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए आवास एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने कहा कि यह प्रयास केवल एक दस्तावेज तैयार करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी हितधारकों की साझेदारी से ऐसा ढांचा तैयार किया जाना चाहिए, जिसे जमीन पर लागू किया जा सके।
उन्होंने ओडिशा के एक दूरदराज क्षेत्र में अपनी सेवा के शुरुआती दिनों का अनुभव साझा करते हुए बताया कि परिवहन की अपर्याप्त सुविधा लोगों की आवश्यक सेवाओं और आर्थिक अवसरों तक पहुंच को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि परिवहन का सीधा संबंध पहुंच, उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता से है। ओडिशा में तेजी से हो रहे शहरीकरण के मद्देनजर दूरदर्शी और समन्वित योजना की आवश्यकता है।
उषा पाढ़ी ने कहा, “ओडिशा ऐसी स्थिति में है जहां शहरीकरण के अगले चरण की ओर बढ़ते हुए हम सही व्यवस्थाएं स्थापित कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही टिकाऊ परिवहन के सिद्धांतों को अपनाकर भविष्य की समस्याओं से बचा जा सकता है।
एडीबी के परिवहन क्षेत्र कार्यालय के निदेशक कांजो नाकाई ने परिवहन, शहरी उत्पादकता और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने छह बड़े महानगरों पर किए गए एडीबी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि कुछ शहरों में यात्रियों को आने-जाने में प्रतिदिन चार घंटे तक का समय लग जाता है, जिससे उत्पादकता को काफी नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में शहरीकरण का मौजूदा चरण राज्य को पुराने महानगरों में देखे गए कार-केंद्रित विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों से बचने तथा अधिक टिकाऊ और एकीकृत परिवहन व्यवस्था की ओर बढ़ने का अवसर देता है।
वर्कशॉप में परिवहन आयुक्त अमितव ठाकुर, नगर प्रशासन निदेशक (डीएमए) अरिंदम डाकुआ, CRUT के एमडी मोहम्मद सिद्दीकी आलम, IDCO के एमडी डी. प्रशांत रेड्डी और BDA के वीसी चंचल राणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, OSRTC, पुलिस, IDCO और KDA के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जगतसिंहपुर, कटक, पुरी और खोरधा के कलेक्टरों तथा अन्य हितधारकों ने ऑनलाइन भाग लिया।
एडीबी और कंसल्टेंट टीम की ओर से सीनियर ट्रांसपोर्ट एडवाइजर सौगाता दासगुप्ता, कंसल्टेंट बंकीम कलरा, जोहरा मुताबन्ना, अंकुश मल्होत्रा और SYSTRA की प्रीथा घोष चटर्जी सहित अन्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
वर्कशॉप में हुई चर्चा से ओडिशा के लिए एक एकीकृत परिवहन संक्रमण ढांचा तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य राज्य में कुशल, समावेशी, आपस में जुड़े और टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है, जिसमें बीकेपीपीईआर को प्रमुख क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान रहेगा।