पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, सीआरपीएफ कैंपस, भुवनेश्वर की कक्षा 11 की छात्रा श्राव्या मिश्रा का प्रतिष्ठित ‘साकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम 2026’ के लिए चयन हुआ है। यह कार्यक्रम भारत और जापान सरकारों की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
उनकी इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय, शिक्षकों और प्राचार्य डी. पी. शर्मा द्वारा लगातार दिए गए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया गया है।
श्राव्या को यह सम्मान उनके अभिनव सहायक तकनीक प्रोजेक्ट ‘आई-एसआरएवीआईए (I-SRAVIA)’ के लिए मिला है। यह परियोजना मूक-बधिर समुदाय और सामान्य लोगों के बीच दो-तरफा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस प्रोजेक्ट में इमेज रिकग्निशन आधारित न्यूरल नेटवर्क का उपयोग कर सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) को टेक्स्ट या आवाज में बदला जाता है, जबकि बोले गए शब्दों को विजुअल संकेतों में परिवर्तित किया जाता है। आसान और सुलभ इंटरफेस वाला यह सिस्टम श्रवण बाधित लोगों और समाज के बीच मौजूद “खामोशी की दीवार” को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उनके इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जब उन्हें वर्ष 2024 में ‘इंस्पायर-मानक अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इस पहल का उद्देश्य स्कूली छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देना है। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका चयन सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए हुआ।
श्राव्या ने अपने शोध कार्य को वर्ष 2025 में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशंस मैनेजमेंट (IEOM)’ में भी प्रस्तुत किया। उनके शोध को शोधकर्ताओं ने काफी सराहा और बाद में यह एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में पीयर-रिव्यू प्रकाशन के रूप में प्रकाशित भी हुआ, जो इतनी कम उम्र की छात्रा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इसके अलावा, उन्हें समर 2025 में अशोका यूनिवर्सिटी के ‘लोधा जीनियस प्रोग्राम’ के लिए चुना गया था और 2026 बैच के लिए दोबारा आमंत्रित किया गया है। साथ ही, उनका चयन अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैंटा क्रूज में आयोजित ‘साइंस इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026’ के लिए भी हुआ है, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के साथ शोध कार्य का अनुभव मिलेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रतियोगिताओं में भी श्राव्या ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वह ‘एआई विद्यसेतु 1.0’ में जोनल विजेता और राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-10 फाइनलिस्ट टीम की टीम लीडर रह चुकी हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और समाधान विषयक प्रोजेक्ट के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी (RSBVP)’ में जोनल विजेता घोषित किया गया था।
शोध और नवाचार के अलावा, श्राव्या ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। यह सफलता उन्हें विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वयं के कठिन परिश्रम से मिली। उन्होंने विज्ञान, गणित और अंग्रेजी ओलंपियाड में कई स्वर्ण पदक भी जीते हैं। उनकी उपलब्धियां बहुआयामी शिक्षा और समाजोपयोगी तकनीक के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
साकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए उनका चयन भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले चुनिंदा युवा नवोन्मेषकों में उनकी पहचान स्थापित करता है।
श्राव्या, भुवनेश्वर स्थित प्रांटे सॉल्यूशंस के संस्थापक डॉ. असीम मिश्रा और सुमोना करजी मिश्रा की पुत्री तथा वरिष्ठ पत्रकार अजय मिश्रा की पौत्री हैं।