ओडिशा में कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मुख्य सचिव अनु गर्ग ने रविवार को राज्य में मौजूदा बाढ़ की स्थिति तथा विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों एवं राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। विशेष राहत आयुक्त (SRC) के कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों और जिला कलेक्टरों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक और तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा तट के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके चलते उत्तर ओडिशा में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और केंदुझर को रेड वार्निंग के तहत रखा गया है, जबकि राज्य के अधिकांश अन्य जिलों के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की गई है। कुछ जिलों में येलो वार्निंग भी है। प्रभावित उत्तरी जिलों में 18 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद इसकी तीव्रता कम होने की उम्मीद है।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, मौजूदा बाढ़ से 49 ब्लॉक, 331 ग्राम पंचायत, 947 गांव और पांच शहरी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। करीब 5.15 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
करीब 2.37 लाख लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला कलेक्टर स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय कर रहे हैं।
वर्तमान में 293 राहत शिविरों में पका हुआ भोजन, चूड़ा, गुड़ और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बचाव और आपातकालीन कार्यों के लिए विभिन्न जिलों में 36 ओड्राफ (ODRAF) टीमें, 7 एनडीआरएफ (NDRF) टीमें और 43 फायर सर्विस टीमें तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित जिलों के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की हैं। आवश्यक दवाओं, हैलोजन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार इनकी आपूर्ति की जा रही है।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव और संबंधित जिला कलेक्टरों के साथ स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की भी समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बाढ़ के कारण कई गांवों में करीब 75,000 बिजली उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। ऊर्जा विभाग ने बताया कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति शीघ्र ही बहाल कर दी जाएगी।