मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ओडिशा की पंचायतों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। राज्य की पंचायतों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 में पांच पुरस्कार हासिल किए हैं।
मुख्यमंत्री ने इसे “राज्य के लिए बेहद गौरव का क्षण” बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि जमीनी स्तर पर सुशासन की मजबूती और ग्रामीण विकास में सामूहिक भागीदारी की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
मुख्य सम्मानों में गंजाम जिले को प्रतिष्ठित ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार–2025’ से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के साथ यह देश का दूसरा सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत बना।
गंजाम जिले की पोटलमपुर को ‘स्वस्थ पंचायत’ श्रेणी में ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार–2025’ प्रदान किया गया, जबकि उसी जिले की मंदार पंचायत को ‘सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
केंदुझर जिले की पड़ुआ पंचायत को ‘जल-संपन्न पंचायत’ श्रेणी में पुरस्कार मिला, वहीं हातिबंध पंचायत को ‘स्वच्छ एवं हरित पंचायत’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
पुरस्कार विजेता पंचायतों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत जनभागीदारी जमीनी स्तर पर सार्थक बदलाव ला सकती है।
मोहन चरण माझी ने आगे कहा कि ऐसी उपलब्धियां “विकसित ओडिशा” के विजन को और मजबूत करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की पंचायतें आने वाले वर्षों में समावेशी और सतत ग्रामीण विकास में नए मानक स्थापित करती रहेंगी।