मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ओडिशा विधानसभा को बताया कि राज्य को जुलाई 2017 से जून 2022 तक की पांच-वर्षीय अवधि के लिए केंद्र सरकार से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे के रूप में कुल 30,231.14 करोड़ की पूरी राशि मिल चुकी है और अब कोई बकाया नहीं है।
यह जानकारी उन्होंने बिजय कुमार दलाबेहरा के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुआवजा अवधि के लिए केंद्र ने ओडिशा का संरक्षित राजस्व 98,239 करोड़ निर्धारित किया था। इसके मुकाबले राज्य ने इसी अवधि में 68,008.66 करोड़ कर राजस्व संग्रह किया, जिससे 30,231.14 करोड़ की कमी बनी—जिसे जीएसटी मुआवजे के रूप में पहले ही जारी कर दिया गया।
देशभर में संविधान (101वां संशोधन) अधिनियम, 2016 और वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 लागू होने के बाद 1 जुलाई 2017 से जीएसटी व्यवस्था शुरू की गई थी। नए अप्रत्यक्ष कर तंत्र से संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र ने राज्यों को जुलाई 2017 से जून 2022 तक पांच वर्षों के लिए मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, जो जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम, 2017 के तहत दिया गया।
मुआवजा गणना के लिए 2015-16 वित्तीय वर्ष को आधार वर्ष माना गया और उस वर्ष की आय को आधार राजस्व माना गया। इस पर 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर जोड़कर हर वर्ष का अनुमानित संरक्षित राजस्व तय किया गया। वास्तविक राजस्व और संरक्षित राजस्व के अंतर के बराबर राशि मुआवजे के रूप में निर्धारित की गई, जिसे दो-मासिक किस्तों में जारी किया जाता था।