ओडिशा से बाहर रहने वाले भूमिधारक, जिनमें विदेश में रहने वाले लोग भी शामिल हैं, अब जल्द ही एक समर्पित मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अपनी सहमति दे सकेंगे। यह सुविधा उन बंटाईदारों के लिए होगी, जो भूमिधारकों की जमीन पर धान की खेती करते हैं और खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान धान पंजीकरण कराना चाहते हैं। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने यह जानकारी दी है।
इस पहल का उद्देश्य उन बंटाईदारों को सुविधा प्रदान करना है, जिनके भूमिधारक धान पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान ओडिशा नहीं आ सकते हैं।
भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने कहा कि बंटाईदार के लिए धान खरीद हेतु पंजीकरण कराने से पहले भूमिधारक की सहमति अनिवार्य है।
मंत्री ने कहा कि सबसे पहले भूमिधारक को बंटाईदार के पक्ष में अपनी सहमति देनी होगी। इसके बाद बंटाईदार धान पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
पात्र ने बताया कि राज्य सरकार एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से ओडिशा से बाहर या विदेश में रहने वाले भूमिधारक दूर से ही अपनी सहमति दे सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि भूमिधारक राज्य से बाहर या विदेश में रह रहा है और धान पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान यहां नहीं आ सकता, तो वह ऐप के माध्यम से अपनी सहमति दे सकता है।
मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित मोबाइल एप्लिकेशन में भूमिधारक की पहचान सत्यापित करने के लिए फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचान तकनीक) और आई स्कैनिंग (आंखों की स्कैनिंग) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पहचान सत्यापन के बाद भूमिधारक की सहमति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत भूमिधारकों को सहमति देने के लिए व्यक्तिगत रूप से ओडिशा आने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उन बंटाईदारों के लिए धान पंजीकरण प्रक्रिया आसान हो जाएगी, जिनके भूमिधारक ओडिशा के बाहर या विदेश में रहते हैं।
यह पहल खरीफ धान खरीद सीजन से पहले शुरू की जा रही है और इससे बड़ी संख्या में ऐसे बंटाईदारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके भूमिधारक ओडिशा के अन्य राज्यों या विदेशों में रहते हैं।