ओडिशा विजिलेंस ने शनिवार को राउरकेला के आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड़ को पांच लाख रुपये की संदिग्ध अवैध नकदी बरामद होने के बाद गिरफ्तार कर लिया। बराड़ को एक इंटरसेप्शन मामले में गिरफ्तार करने के बाद सुंदरगढ़ के विजिलेंस विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया। राउरकेला विजिलेंस थाना पुलिस ने उनके खिलाफ 11 सितंबर को केस नंबर 12 दर्ज किया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है।
विजिलेंस के अनुसार, उसे विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बराड़ आबकारी लाइसेंसधारियों से बड़ी मात्रा में रिश्वत की रकम कथित तौर पर वसूल रहे हैं। इसके बाद विजिलेंस ने उन पर निगरानी रखनी शुरू की थी।
शुक्रवार रात विजिलेंस की एक टीम ने राउरकेला के उदितनगर स्थित आबकारी अधीक्षक कार्यालय के सामने एक स्कॉर्पियो को रोका। वाहन में एक स्थानीय शराब दुकान के सेल्समैन के जरिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये नकद ले जाए जा रहे थे। गवाहों की मौजूदगी में नकदी बरामद कर जब्त कर ली गई।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, सेल्समैन ने कथित तौर पर बताया कि यह रकम बराड़ ने उसे अधिकारी के आवास पर पहुंचाने के लिए दी थी। पूछताछ के दौरान बराड़ ने भी स्वीकार किया कि नकदी सेल्समैन के जरिए भेजी गई थी। हालांकि, वह इस रकम के स्रोत के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
नकदी बरामद होने के बाद विजिलेंस ने बराड़ के राउरकेला स्थित सिविल टाउनशिप आवास और भुवनेश्वर के रघुनाथपुर स्थित दो मंजिला मकान में एक साथ तलाशी ली।
तलाशी के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने रघुनाथपुर में करीब 2,700 वर्गफुट क्षेत्रफल का दो मंजिला मकान, चार प्लॉट—जिनमें एक भुवनेश्वर और तीन नयागढ़ के बाहरी इलाके में हैं—और 33.97 लाख रुपये की जमा राशि का पता लगाया। अन्य निवेशों और जमाओं से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
विजिलेंस के अनुसार, आय, खर्च और संपत्तियों के आकलन के बाद बराड़ के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में कथित तौर पर 100 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति पाई गई। मामले में आगे की जांच जारी है।