कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल में प्रमुख पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज हो गई है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने सुरक्षा इंतजामों में खामियां मिलने के बाद दक्षिण कोलकाता की तीन प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस जारी किया है। इनमें चेतला अग्रणी, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन और त्रिधारा सम्मिलनी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने रविवार से सोमवार तक प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमियां सामने आने के बाद संबंधित समितियों को नोटिस जारी किए गए। चोरबागान भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा तेज कर दी है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने पंडालों के पास बने अनधिकृत अस्थायी व्यावसायिक ढांचों और खतरनाक स्टॉल को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने आग से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। खासतौर पर अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री से बने ढांचों के पास एलपीजी सिलेंडर रखे होने पर सवाल उठाए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंडालों के भीतर पर्याप्त रोशनी और हवा की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। अधिकारियों के मुताबिक, स्पष्ट दृश्यता और सुचारु आवागमन से भीड़ को संभालने में मदद मिल सकती है। सुरक्षा इंतजामों में प्रवेश और निकास के रास्तों को बाधामुक्त रखना भी अहम है।