केंद्रापड़ा जिले के महाकालपड़ा ब्लॉक अंतर्गत तिखिरी ग्राम पंचायत की सरपंच चमेली ओझा को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें एसडीजेएम (SDJM) अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई 10 जून को महाकालपड़ा ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) के कार्यालय में हुए विवाद के सिलसिले में की गई है। जानकारी के अनुसार, चमेली ओझा अपनी पंचायत से जुड़े मुद्दों को लेकर बीडीओ कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर बीडीओ के कक्ष में मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
घटना के बाद बीडीओ और पुलिस की ओर से अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने पहले 10 जून को सरपंच के छोटे भाई सूर्यकांत ओझा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शनिवार को चमेली ओझा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, चमेली ओझा जनसमस्याओं को लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंची थीं और मोबाइल फोन से घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रही थीं। बीडीओ की सूचना पर महाकालपड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और सरपंच तथा उनके भाई को थाने ले गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान सरपंच सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी कर रही थीं।
बाद में चमेली ओझा ने पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि थाने ले जाते समय पुलिस वाहन के भीतर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की।
इस घटना को लेकर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। वर्तमान में केंद्रापड़ा जिला सरपंच संघ की अध्यक्ष रहीं चमेली ओझा के समर्थन में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल, सचिव संजय सेठी के नेतृत्व में, जिला पुलिस अधीक्षक से मिला और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
बताया जा रहा है कि चमेली ओझा ने इस मामले में हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भी पत्र लिखा है।
वहीं, केंद्रापड़ा के पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट के आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि थाने के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज में चमेली ओझा मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में बैठी हुई दिखाई दे रही हैं।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुलिस थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, लेकिन पुलिस वाहन के अंदर निगरानी कैमरे नहीं होने के कारण रास्ते में कथित मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल हो सकता है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बीडीओ कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। मामले की आगे की जांच जारी है।