बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कल कांग्रेस द्वारा बुलाए गए ओडिशा बंद को लेकर अपना रुख बदल दिया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रमिला मल्लिक ने कहा कि बीजेडी इस बंद का समर्थन नहीं करेगी। मल्लिक का ताजा बयान उनके उस बयान के करीब आधे घंटे बाद आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि बीजेडी कांग्रेस के बंद के आह्वान का समर्थन करेगी। पार्टी के रुख में अचानक आए इस बदलाव को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे बीजेडी ने अपना फैसला बदल दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमिला मल्लिक ने कहा कि हाल ही में हमने सुंदरगढ़ में आर्थिक नाकेबंदी की थी। तब क्या किसी ने हमारा समर्थन किया था? जहां भी जनता या राज्य के हितों को नुकसान पहुंचता है, हमारे प्रिय नेता (नवीन पटनायक) ने लड़ाई लड़ी है और बीजू जनता दल ने भी लड़ाई लड़ी है। हम उस लड़ाई के साथ खड़े रहेंगे। कोई पार्टी हमारा समर्थन करे या न करे, हम समान दूरी बनाए रखेंगे। न तो हम किसी गठबंधन में शामिल हुए हैं और न ही किसी राजनीतिक दल का समर्थन किया है।
इससे पहले मल्लिक ने संकेत दिया था कि बीजेडी बंद का समर्थन करेगी। हालांकि, बाद में दिए गए बयान में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में कल होने वाले ओडिशा बंद के समर्थन में नहीं उतरेगी।
कुछ ही समय के अंतराल में दिए गए इन विरोधाभासी बयानों ने प्रस्तावित बंद को लेकर बीजेडी के फैसले पर ध्यान खींचा है। मल्लिक के रुख बदलने से यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर पार्टी ने अपना स्टैंड क्यों बदला।
इससे पहले आज बीजेडी नेता प्रमिला मल्लिक ने कहा था कि हमारी पार्टी गठबंधन का हिस्सा है और हमने पहले ही भारत निर्वाचन आयोग की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया है, खासकर मतदाता सूची से कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर। इसलिए हम कल के बंद का समर्थन करेंगे और इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देंगे।