जगमोहन मीणा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) से इस्तीफा देने का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और इसे किसी हालिया घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि करीब 13 वर्षों की सेवा के बाद उन्होंने कुछ दिन पहले अपना इस्तीफा सौंपा है, जिस पर अभी सक्षम प्राधिकारी का निर्णय आना बाकी है। उन्होंने कहा कि मैं वर्ष 2013 में आईपीएस सेवा में शामिल हुआ था। मेरा इस्तीफा अभी प्रक्रिया में है और इसे अभी स्वीकार नहीं किया गया है। यह फैसला मैंने लंबे समय तक विचार-विमर्श और परिवार तथा दोस्तों से चर्चा के बाद लिया है। यह पूरी तरह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है। मैं सभी से मेरी निजता का सम्मान करने और मेरे इस्तीफे को किसी भी घटना से न जोड़ने का अनुरोध करता हूं।
जगमोहन मीणा ने कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया कि उनका इस्तीफा किसी हालिया घटना के कारण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ऐसे फैसलों को अलग-अलग घटनाओं से जोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह निर्णय काफी समय से मेरे मन में था। उन्होंने ओडिशा सरकार और राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विभिन्न पदों पर सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गंजाम में प्रशिक्षण से की। इसके बाद कलाहांडी में एसडीपीओ, मलकानगिरी, अंगुल और गंजाम में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में कार्य किया। बाद में उन्हें कटक का डीसीपी और उसके बाद भुवनेश्वर का डीसीपी नियुक्त किया गया।
उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान, आपराधिक मामलों की जांच, पुलिस प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
आईपीएस अधिकारी के रूप में जनता की सेवा करना मेरे लिए सम्मान और अमूल्य अनुभव रहा है। पुलिसिंग और जनसेवा में अपने योगदान से मैं संतुष्ट हूं। ओडिशा सरकार के विश्वास और राज्य की जनता के सहयोग के लिए मैं उनका आभारी हूं।
अपने संबोधन के अंत में जगमोहन मीणा ने एक बार फिर ओडिशा सरकार और राज्यवासियों का धन्यवाद किया तथा "वंदे उत्कल जननी" और "जय हिंद" के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।
सूत्रों के अनुसार, जगमोहन मीणा निजी क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं और राजस्थान में अपने एक करीबी रिश्तेदार की कंपनी से जुड़ सकते हैं। हालांकि, उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय हाल ही में सौम्य रंजन स्वाईं की बलियंता में दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले को लेकर सार्वजनिक आलोचनाओं का सामना कर रहा है।
हालांकि, जगमोहन मीणा ने दोहराया कि उनके इस्तीफे का किसी भी हालिया घटना से कोई संबंध नहीं है और लोगों से इस तरह की अटकलें न लगाने की अपील की।