छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कहा कि महानदी जल का मुद्दा “न तो विवाद है और न ही समस्या” और इसका जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के साथ-साथ केंद्र में भी भाजपा की सरकार होने से इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए अनुकूल माहौल बना है।
ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर भुवनेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों और केंद्र में समान राजनीतिक नेतृत्व होने से आपसी सहमति से इस मुद्दे का समाधान निकालने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार है। इसलिए टकराव की कोई स्थिति नहीं होगी। महानदी का पानी न तो कोई विवाद है और न ही कोई समस्या। इसका जल्द ही समाधान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद विभिन्न राज्यों के बीच जल विवादों को सुलझाने की दिशा में काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच जो विवाद था, वह वास्तव में कोई विवाद है ही नहीं। इसका बहुत जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
हाल में हुई चर्चाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दिल्ली में अधिकारियों के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि हमने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) को अपनी सहमति दे दी है। दोनों राज्यों के हित में हम केंद्रीय जल आयोग के निर्देशों का पालन करेंगे। कोई समस्या नहीं है। किसी समस्या के समाधान में समय लगता है। इसका जल्द समाधान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री साय का यह बयान पड़ोसी राज्य ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों के बीच आया है।