नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खुर्दा पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार तड़के गिरोह के सरगना समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
रविवार सुबह 4:50 बजे औद्योगिक एस्टेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत नुआगांव गांव के पास खुर्दा-नयागढ़ न्यू बाईपास रोड से WIN CEREX कफ सिरप की कुल 5,520 बोतलें जब्त की गईं। इनकी कुल मात्रा लगभग 552 लीटर बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में बिहार निवासी 30 वर्षीय गोपीनाथ यादव उर्फ गोपी यादव भी शामिल है। पुलिस ने उसे गिरोह का सरगना और ओडिशा में कोरेक्स का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बताया है। आरोप है कि वह कोलकाता, हरियाणा और दिल्ली से कफ सिरप मंगवाता था और ट्रांसपोर्टरों, स्टॉकिस्टों तथा स्थानीय वितरकों के नेटवर्क के जरिए राज्यभर में इसकी आपूर्ति करता था।
पुलिस के अनुसार, औद्योगिक एस्टेट थाने के प्रभारी निरीक्षक (IIC) को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कफ सिरप की एक बड़ी खेप कटक से खुर्दा और नयागढ़ की ओर तस्करी कर ले जाई जा रही है। खुर्दा के पुलिस अधीक्षक परमार स्मित परषोत्तमदास के निर्देश पर उपनिरीक्षक (SI) स्वागतिका दास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नुआगांव के पास वाहनों को रोककर तलाशी ली। कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एनडीपीएस अधिनियम की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए खेप जब्त की गई।
इस मामले में औद्योगिक एस्टेट थाना कांड संख्या 337, दिनांक 18.10.2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21(c)/29 में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला व्यावसायिक मात्रा से संबंधित है। उपनिरीक्षक अशोक कुमार महंती मामले की जांच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, आपूर्तिकर्ता का मैनेजर समेत दो अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। आरोप है कि वे एक गोदाम-सह-आवासीय परिसर में कोरेक्स सिरप का भंडारण करने में शामिल थे। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। इसके तहत भंडारण वाले गोदाम का पता लगाने, अंतरराज्यीय आपूर्तिकर्ताओं का सुराग जुटाने, पैसों के लेन-देन की जांच करने और तस्करी से अर्जित संपत्तियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।