नॉर्थ कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने की घटना 19 लोगों की मौत जबकि 25 अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घायलों में में 24 खतरे से बाहर हैं, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें पूजा समिति के सचिव, उपाध्यक्ष, ऑर्गनाइजर और सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदार लोग शामिल हैं। इसके अलावा, हालात को कंट्रोल में लाने के लिए, सेंट्रल एवेन्यू समेत एक बड़े इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लगा दी गई है। ये सख्त पाबंदियां अगले तीन दिनों तक लागू रहेगी। घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), फोरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड ने जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटनास्थल को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक टीमें, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और फायर ब्रिगेड शुरुआती जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक हो सकती है या नहीं और यह पता लगाया जा सके कि घटना में लापरवाही की वजह से तो नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने भगदड़ में जान गंवाने वालों और घायल हुए लोगों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता का भी ऐलान किया है। राज्य सरकार ने हर उस परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है, जिसने अपने किसी अपने को खोया है। हर घायल व्यक्ति को पांच लाख रुपये मिलेंगे, जबकि सरकार उनके मेडिकल इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।