जनता दल यूनाइटेड की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर शुक्रवार सुबह से ही पार्टी कार्यालय में हलचल रही। जेडीयू के विधायक और विधान पार्षद लगातार पार्टी कार्यालय पहुंचते रहे। बैठक को पार्टी की ओर से प्रबोधन कार्यक्रम बताया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार तथा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार पार्टी कार्यालय से बाहर निकल गए। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम को मुख्य रूप से बिहार विधानसभा में जेडीयू के 85 विधायकों और राज्य नेतृत्व पर केंद्रित रखा गया है। केंद्रीय मंत्रियों और जेडीयू सांसदों को इसमें आमंत्रित नहीं किए जाने की बात सामने आई है। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री मदन सहनी, लेसी सिंह और श्रवण कुमार समेत कई नेता पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी पार्टी कार्यालय पहुंचे। पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगे की रणनीति और एजेंडे पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
बैठक से पहले कुछ जेडीयू नेताओं और विधायकों के बयान भी चर्चा में रहे। कुछ नेताओं ने निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई। वहीं,जेडीयू का नाम ‘जदयू-नीतीश’ किए जाने की मांग का भी जिक्र सामने आया। बैठक ऐसे समय हो रही है जब समान नागरिक संहिता और फरक्का जल संधि जैसे मुद्दों को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा जारी है। 12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश फरक्का जल संधि की अवधि समाप्त होने वाली है। ऐसे में बिहार के हित, बाढ़, सुखाड़ और गाद की समस्या से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख पर भी नजर बनी हुई है।