ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य में जारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 110 करोड़ रुपये के प्रारंभिक राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत राशि जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि नुकसान का अंतिम आकलन होने के बाद आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
यह घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद की गई। उन्होंने विभिन्न प्रभावित जिलों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी भी सौंपी। राज्य सरकार ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है।
सरकार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सभी पात्र परिवारों को स्थिति सामान्य होने तक निःशुल्क राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य आपदा मोचन कोष के मानकों के तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 6,500 रुपये, कच्चे मकानों के लिए 4,000 रुपये, फूस के मकानों के लिए 8,000 रुपये तथा पशुशालाओं के नुकसान पर 3,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
फसल और बागवानी फसलों के नुकसान पर लघु एवं सीमांत किसानों को असिंचित भूमि के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा बहुवर्षीय फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा।
सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वाले छह लोगों के परिजनों के लिए भी अनुग्रह सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 24 लाख रुपये की सहायता SDRF के प्रावधानों के अनुसार दी जाएगी।
पशुधन के नुकसान के लिए भी मुआवजा तय किया गया है। इसके तहत प्रत्येक दूध देने वाली गाय या भैंस के लिए 37,500 रुपये, बोझा ढोने वाले पशु के लिए 32,000 रुपये, बछड़े, गधे या खच्चर के लिए 20,000 रुपये तथा प्रत्येक बकरी या भेड़ के लिए 4,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
सरकार के अनुसार, बाढ़ से राज्य के 22 जिलों के 85 ब्लॉक, 15 शहरी निकाय, 656 ग्राम पंचायतें और 1,458 गांव प्रभावित हुए हैं। लगभग 8,63,909 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि एहतियात के तौर पर 2,67,301 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वर्तमान में 529 राहत शिविर और 31 पशु राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। अब तक राहत सामग्री के रूप में 41 क्विंटल चावल, 1,115 क्विंटल चूड़ा, 496 क्विंटल गुड़, 3,869 पॉलीथीन शीट तथा अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा पशुपालकों के लिए 1,816 मीट्रिक टन पशु चारा उपलब्ध कराया गया है।
बचाव अभियान में 199 टीमें लगी हुई हैं, जिनमें 20 ओड्राफ (ODRAF), 7 एनडीआरएफ (NDRF) और 172 अग्निशमन सेवा की टीमें शामिल हैं।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ में 6 लोगों की मौत, 3,567 मकान क्षतिग्रस्त तथा लगभग 33,458.30 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
सरकार ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिलों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। इन क्षेत्रों में लोगों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पशु चिकित्सा सेवाएं, पॉलीथीन शीट और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत कार्यों को और मजबूत करने के लिए इन सर्वाधिक प्रभावित जिलों को पहले ही 26 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता जारी की जा चुकी है।