ओडिशा सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और प्रमुख जिला सड़कों पर हर 50 किलोमीटर की दूरी पर वे-साइड एमेनिटी सेंटर (सड़क किनारे सुविधा केंद्र) स्थापित करने की योजना बना रही है। इन केंद्रों का उद्देश्य लंबी दूरी के वाहन चालकों और पर्यटकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस प्रस्ताव पर बुधवार को कानून, लोक निर्माण एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शुरू होने के बाद ट्रक चालकों, बस यात्रियों और चारपहिया वाहन चालकों को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
प्रत्येक वे-साइड एमेनिटी सेंटर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट और विश्राम गृह की व्यवस्था होगी। पहले चरण में सरकार विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के साथ समझौता करेगी। राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी तेल कंपनियों की होगी।
मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क किनारे न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता बन गया है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार सिंह, परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर, विशेष सचिव समीर होता, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप लाल, मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) नारायण पटेल तथा लोक निर्माण, पर्यटन विभाग और एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही स्थानों की पहचान और तेल कंपनियों के साथ समन्वय की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।