ओडिशा पुलिस ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से दो जांच आयोगों की रिपोर्ट कथित रूप से गायब होने के मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी वीके पांडियन को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। भुवनेश्वर की कैपिटल थाना पुलिस द्वारा जारी नोटिस में पांडियन को 25 जुलाई सुबह 11 बजे एसीपी, ज़ोन-1 के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2000 बैच के आईएएस अधिकारी रहे वीके पांडियन पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव रह चुके हैं। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर बीजू जनता दल (बीजद) का दामन थामा था। हालांकि, 2024 के लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी।
यह समन ऐसे समय जारी किया गया है, जब पुलिस स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड और सम अस्पताल अग्निकांड से संबंधित दो जांच आयोगों की रिपोर्ट के मुख्यमंत्री कार्यालय से कथित रूप से गायब होने के मामले की जांच तेज कर रही है। शिकायत के अनुसार, ये दोनों रिपोर्टें मुख्यमंत्री कार्यालय के अभिलेखों से लापता हैं।
इससे पहले कैपिटल पुलिस ने इसी मामले में पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा को भी नोटिस जारी किया था। मनोज मिश्रा जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा चुके हैं, जबकि राजेश वर्मा को बुधवार सुबह 11 बजे तक उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वे पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच आयोगों की रिपोर्ट कथित रूप से गायब होने की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये फाइलें किन परिस्थितियों में गायब हुईं और मामले से जुड़े पूर्व अधिकारियों से पूछताछ कर विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।