ओडिशा में 8,063 सहकारी समितियां सक्रिय: अमित शाह

  • Jul 22, 2026
Khabar East:8063-Cooperative-Societies-Functional-In-Odisha-Amit-Shah
भुवनेश्वर,22 जुलाईः

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि ओडिशा में पंजीकृत कुल 8,667 सहकारी समितियों में से 8,063 समितियां वर्तमान में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार वित्तीय सहायता, डिजिटलीकरण और संस्थागत सुधारों के माध्यम से राज्य के सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

 बीजद के राज्यसभा सांसद मानस रंजन मंगराज के प्रश्न के लिखित उत्तर में अमित शाह ने बताया कि यह आंकड़े 15 जुलाई, 2026 तक के राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर आधारित हैं। सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का कंप्यूटरीकरण सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों में से एक है। वर्ष 2022 में शुरू की गई केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत शुरुआत में देशभर की 63,000 PACS को शामिल करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर 79,630 PACS कर दिया गया है। इसके लिए योजना का संशोधित बजट 2,925.39 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

 इस योजना के तहत सभी कार्यरत PACS को एक समान एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) आधारित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे पारदर्शिता, कार्यकुशलता और डिजिटल संपर्क में सुधार होगा। इसके माध्यम से PACS को राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के जरिए नाबार्ड (NABARD) से निर्बाध रूप से जोड़ा जा सकेगा।

 अमित शाह ने बताया कि ओडिशा वर्ष 2025 में PACS कंप्यूटरीकरण कार्यक्रम से जुड़ा। इस योजना के तहत राज्य की 4,240 PACS को डिजिटलीकरण के लिए मंजूरी दी गई है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई है, जिससे जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का आधुनिकीकरण होगा।

 उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) भी ओडिशा में सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 30 जून, 2026 तक NCDC ने राज्य को कुल 3,352.03 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

 यह सहायता विपणन सहकारी समितियों, सेवा सहकारी समितियों, डेयरी एवं पशुपालन विकास, मत्स्य पालन, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), भंडारण अवसंरचना तथा कंप्यूटरीकरण जैसी विभिन्न परियोजनाओं के लिए दी गई है।

 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जुलाई 2021 में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद "सहकार से समृद्धि" के विजन के तहत कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं। इनमें प्राथमिक सहकारी समितियों को मजबूत करना, सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में सुधार, सहकारी समितियों को कर संबंधी लाभ, बंद पड़ी सहकारी चीनी मिलों का पुनरुद्धार, राष्ट्रीय स्तर पर नई बहुराज्यीय सहकारी समितियों की स्थापना तथा क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना शामिल है।

 उन्होंने बताया कि मंत्रालय PACS, डेयरी सहकारी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय सहकारी समितियों में परिवर्तित करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि उनकी गतिविधियों में विविधता आए, वित्तीय स्थिरता बढ़े और उनका दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित हो सके।

 अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस का उपयोग उन क्षेत्रों की पहचान के लिए किया जा रहा है, जहां सहकारी संस्थाओं का अभाव है। इसके आधार पर नई सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, सहकारी संस्थाओं के बेहतर प्रदर्शन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए सहकारी रैंकिंग फ्रेमवर्क भी विकसित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, बहुराज्यीय सहकारी समितियां (संशोधन) अधिनियम, 2023 के तहत वित्तीय संकट से जूझ रही बहुराज्यीय सहकारी समितियों के पुनरुद्धार और उनके सतत विकास के लिए सहकारी पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं विकास कोष की स्थापना भी की गई है।

 केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित सुधार, वित्तीय सहायता और संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर केंद्र सरकार का निरंतर जोर ओडिशा के सहकारिता तंत्र को और मजबूत करेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा।

Author Image

Khabar East

  • Tags: