ओडिशा सरकार ने राज्य के एंडोमेंट विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों, मठों और अन्य धार्मिक संस्थानों के प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से ओडिशा हिंदू धार्मिक एंडोमेंट्स अधिनियम, 1951 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस संबंध में सोमवार को लोक सेवा भवन स्थित कानून विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कानून, लोक निर्माण एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने की।
बैठक में मौजूदा कानून के कई ऐसे प्रावधानों और उपधाराओं में संशोधन पर चर्चा हुई, जो अब पुराने हो चुके हैं। इसका उद्देश्य कानून को वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाना है।
बैठक में एंडोमेंट विभाग के आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और अधिकृत अधिकारियों की शक्तियों एवं कार्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विभाग में कैडर के पुनर्गठन और नए पदों के सृजन से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में शामिल रहे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के लागू होने के बाद मंदिरों, मठों और अन्य धार्मिक संस्थानों के प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रबंधन को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
एंडोमेंट विभाग ओडिशा के बड़ी संख्या में मंदिरों, मठों और धार्मिक संस्थानों की देखरेख करता है। इनमें से कई संस्थान काफी प्राचीन हैं। प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य इनके प्रबंधन के लिए अधिक प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध कराना है।
बैठक में कानून आयुक्त न्यायमूर्ति बिश्वनाथ रथ, कानून विभाग के प्रधान सचिव पवित्र मोहन सामल, एंडोमेंट आयुक्त सत्य नारायण षड़ंगी, विशेष सचिव प्रणब कुमार पात्र, अतिरिक्त सचिव शिव प्रसाद महापात्र और अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता मन्मय कुमार दास समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।