शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियुक्तियां केवल लिखित परीक्षा में मिले अंकों और योग्यता के आधार पर की जाएंगी। भर्ती में पहले की तरह किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने मौखिक परीक्षा के अंकों का महत्व कम करने और लिखित परीक्षा के परिणाम को अधिक प्राथमिकता देने की सलाह स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) को दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती के लिए स्कूल सर्विस कमीशन तैयार है। नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उचित समय पर शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और अदालत के निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री का मानना है कि इस व्यवस्था में बदलाव किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मौखिक परीक्षा के अंकों को कम करने और लिखित परीक्षा के परिणाम को अधिक महत्व देने की सलाह उन्होंने स्कूल सर्विस कमीशन को दी है। उनके अनुसार इससे उम्मीदवारों की योग्यता का उचित आकलन किया जा सकेगा और योग्य अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति का अवसर मिलेगा।