ओडिशा सरकार ने लंबे समय से चल रही ‘बीजू सेतु योजना’ का नाम बदलकर ‘सेतु बंधन योजना’ कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सरकार ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की भी मंजूरी दी है।
ग्रामीण विकास विभाग ने योजना का नाम बदलने और ग्रामीण पुल निर्माण कार्यक्रम को जारी रखने के संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
बीजू सेतु योजना की शुरुआत वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत उन स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जाता था, जहां नदियों, नालों और अन्य भौगोलिक बाधाओं के कारण लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे गांवों को हर मौसम में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना था, जहां पर्याप्त पुल सुविधाएं नहीं थीं। इसके साथ ही आवश्यक सेवाओं और अन्य प्रमुख स्थानों तक लोगों की पहुंच आसान बनाना भी योजना का प्रमुख लक्ष्य रहा है।
सरकार के ताजा फैसले के तहत वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाली पांच साल की अवधि में पुल निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़े अन्य कार्य अब ‘सेतु बंधन योजना’ के नाम से जारी रहेंगे।
ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना में ग्रामीण क्षेत्रों में पुल संबंधी बुनियादी ढांचे के माध्यम से कनेक्टिविटी को मजबूत करने के व्यापक उद्देश्य को बरकरार रखा गया है। हालांकि, अब इस योजना को नए नाम ‘सेतु बंधन योजना’ के तहत लागू किया जाएगा।