संशोधित नामों की बदली हुई स्पेलिंग के इस्तेमाल का निर्देश

  • Sep 06, 2026
Khabar East:Odisha-Govt-Asks-Collectors-To-Ensure-Use-Of-Revised-Place-Name-Spellings
भुवनेश्वर,06 सितंबरः

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में स्थानों के संशोधित अंग्रेजी नामों की वर्तनी का एक समान और निरंतर उपयोग सुनिश्चित करें। ये संशोधित अंग्रेजी वर्तनी संबंधित स्थानों के ओड़िया उच्चारण के अनुरूप रखी गई हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी ने रविवार को सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के नेमप्लेट एवं साइनबोर्ड की व्यापक समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत संशोधित वर्तनी का सभी जगह समान रूप से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

ओडिशा सरकार की ओर से 22 जून 2026 को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को अपने साइनबोर्ड पर संशोधित वर्तनी एक महीने के भीतर लागू करनी थी। वहीं, निजी और गैर-सरकारी संस्थानों के लिए इसके अनुपालन की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी। कई जिलों में यह बदलाव सफलतापूर्वक लागू भी किया जा चुका है।

 संशोधित नामकरण के तहत Angul को “Anugola”, Balasore को “Baleshwar”, Kendrapara को “Kendrapada” और Cuttack को “Kataka” लिखा जाना है। इन संशोधित वर्तनी को सरकारी प्रतिष्ठानों में धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है।

हालांकि, राज्य सरकार ने पाया है कि कुछ सरकारी कार्यालय अभी भी अपने साइनबोर्ड पर पुराने अंग्रेजी नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि “Jeypore” और “Soro” जैसी पुरानी वर्तनी को सरकार द्वारा स्वीकृत “Jayapur” और “Sora” से बदला जाए।

 विभाग ने जोर देकर कहा है कि आधिकारिक स्थान-नामों में एकरूपता और समानता बनाए रखना राज्य कैबिनेट के फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी है। सरकारी साइनबोर्ड पर पुरानी वर्तनी का इस्तेमाल जारी रहने से आधिकारिक नामकरण में असंगति पैदा हो सकती है और सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।

 इसी के तहत कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में इस फैसले के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और सभी आधिकारिक साइनबोर्ड एवं नेमप्लेट पर संशोधित अंग्रेजी वर्तनी का इस्तेमाल सुनिश्चित करें।

 कलेक्टरों को निजी और गैर-सरकारी संस्थानों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर संशोधित वर्तनी अपनाने के लिए प्रोत्साहित और सहयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि इन संशोधित नामों का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।

 विभाग ने इस फैसले के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सभी कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई करने और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट में उनके संबंधित जिलों में इस फैसले के लागू होने की स्थिति का विवरण देना होगा।

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