ओडिशा विजिलेंस ने रविवार को केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन की असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (एईई) अनुपमा साहू को गिरफ्तार किया है। उन्हें कथित तौर पर आय से अधिक और संदिग्ध स्रोत से प्राप्त 3.15 लाख रुपये नकद के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद उनके आवास की तलाशी के दौरान चार लाख रुपये और बरामद किए गए। अधिकारियों की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विजिलेंस की टीम ने शनिवार को NH-53A पर मार्शाघाई क्रॉसिंग के पास अनुपमा साहू को रोका। वह अपने कार्यालय से केंद्रापड़ा के नयनविहार स्थित आवास जा रही थीं। वह सरकारी महिंद्रा बोलेरो (रजिस्ट्रेशन नंबर OD-29-S-6644) में यात्रा कर रही थीं।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को उनके पास से 3.15 लाख रुपये नकद मिले। बताया गया कि वह इस रकम के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद नकदी और वाहन को जब्त कर लिया गया।
इसके बाद विजिलेंस टीम ने नयनविहार स्थित उनके आवासीय भवन और केंद्रापड़ा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
आवास की तलाशी के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, इसके साथ ही अनुपमा साहू के कब्जे से जब्त कुल नकदी की राशि 7.15 लाख रुपये हो गई।
तलाशी के दौरान उनके नाम पर कथित तौर पर कई चल और अचल संपत्तियों का भी पता चला है। इनमें करीब 63 लाख रुपये की जमा राशि, भुवनेश्वर में एक फ्लैट, ढेंकानाल जिले के कामाख्यानगर स्थित एक मार्केट कॉम्प्लेक्स में एमएस रॉड और सीमेंट का गोदाम, तथा बलांगीर में एक दुकान शामिल है।
विजिलेंस अधिकारियों ने पांच प्लॉट का भी पता लगाया है। इनमें एक भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में, तीन अंगुल में और एक ढेंकानाल में स्थित है।
अनुपमा साहू को रविवार को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, कटक की अदालत में पेश किया गया।
मामले के संबंध में कटक विजिलेंस थाना में 5 सितंबर 2026 को केस नंबर 35 दर्ज किया गया है। मामला भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के तहत दर्ज किया गया है।
अनुपमा साहू ने 21 अक्टूबर 2003 को अंगुल सिंचाई डिवीजन के तहत जूनियर इंजीनियर (JE) के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका प्रारंभिक मासिक वेतन 4,000 रुपये था। वर्ष 2009 में उनकी सेवा नियमित की गई।
इसके बाद 31 दिसंबर 2016 को उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर पदोन्नत किया गया और रेंगाली राइट कैनाल स्थित ढेंकानाल डिजाइन एंड मॉनिटरिंग यूनिट में तैनात किया गया।
12 अगस्त 2025 को उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) के पद पर पदोन्नत किया गया। बाद में 2 मार्च 2026 को उनका तबादला केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन में कर दिया गया, जहां वह एईई के पद पर कार्यरत थीं।