बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने जनता से मांगे सुझाव

  • Sep 06, 2026
Khabar East:Balasore-administration-seeks-public-suggestions-for-permanent-solution-to-floods
बालेश्वर,06 सितंबरः

बालेश्वर जिला प्रशासन ने जिले में बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने या कम करने के उपायों को लेकर स्थानीय लोगों से सुझाव मांगे हैं। लोगों से मिले सुझावों के आधार पर प्रशासन एक प्रस्ताव तैयार कर ओडिशा सरकार को भेजेगा, ताकि बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे उपायों के बारे में जानकारी दें, जिनसे बाढ़ के दौरान उनके घरों और स्थानीय इलाकों को जलमग्न होने से बचाया जा सके। जिलेभर के लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इनमें सरपंच और पंचायत समिति सदस्यों जैसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं।

यह पहल बालेश्वर जिले में बार-बार आ रही बाढ़ के बीच की गई है। अकेले सुवर्णरेखा नदी में इस साल अब तक तीन बार बाढ़ आ चुकी है। जब भी गलुडीह बैराज से पानी छोड़ा जाता है, सुवर्णरेखा नदी में जलप्रवाह बढ़ जाता है, जिससे निचले इलाकों में अक्सर बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है।

 सुवर्णरेखा के अलावा जालका, बुढ़ाबलंग, स्वर्णा, कंसाबांसा सहित अन्य नदियों और जलस्रोतों के कारण भी बाढ़ आती है। इससे बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचता है और लोगों का जनजीवन एवं आजीविका प्रभावित होती है। बताया जा रहा है कि जिले के आधे से अधिक क्षेत्र अलग-अलग समय पर बाढ़ से प्रभावित होते हैं।

 स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की समस्या केवल नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण नहीं होती। कई इलाकों में कमजोर या अपर्याप्त तटबंध, उचित जल निकासी व्यवस्था का अभाव, पर्याप्त पुलिया (कल्वर्ट) नहीं होना और पानी की निकासी के लिए घरों में जरूरी पाइप की व्यवस्था न होना भी जलभराव और बाढ़ की समस्या को बढ़ाते हैं।

 स्थानीय निवासी लंबे समय से सुवर्णरेखा नदी के पुनरुद्धार की योजना लागू नहीं होने और पानी छोड़े जाने को लेकर ओडिशा तथा झारखंड सरकारों के बीच उचित समन्वय नहीं होने की शिकायत करते रहे हैं।

 अब राज्य सरकार ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें लंबे समय तक बाढ़ से सुरक्षित रखने के प्रभावी उपाय किए जा सकें।

 जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम लोगों से भी सुझाव एकत्र कर रहा है। लोग ब्लॉक और तहसील कार्यालयों में अपने सुझाव दे रहे हैं और बता रहे हैं कि उनके क्षेत्रों को बाढ़ से बचाने के लिए किन उपायों की जरूरत है।

 हाल की बाढ़ में भारी नुकसान झेलने वाले किसानों ने सुवर्णरेखा नदी के मुहाने की ड्रेजिंग (गाद निकालने), नदी के तटबंधों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण और बेहतर जल प्रबंधन जैसे सुझाव दिए हैं। किसानों का मानना है कि इन उपायों से बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकता है और कृषि भूमि तथा लोगों की आजीविका को सुरक्षित रखा जा सकता है।

प्राप्त सुझावों के आधार पर बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) और तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इन रिपोर्टों को बाद में जिला स्तर पर एकत्रित कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

Author Image

Khabar East

  • Tags: