पश्चिम बंगाल में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। डिजिटल ठगी के खिलाफ राज्यभर में ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत अब तक 87 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 93.75 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच करते हुए 199 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस के साइबर क्राइम विंग से यह जानकारी सामने आई है। अपराधियों की ओर से ठगी के तरीके लगातार बदलने के कारण पुलिस के सामने चुनौती भी बढ़ रही है। मोबाइल पर आने वाली एक फोन कॉल, किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना या ओटीपी साझा करना लोगों की जीवनभर की बचत को पलभर में खत्म कर सकता है। कई मामलों में लोगों से लाखों रुपये की ठगी हुई है, जबकि कुछ मामलों में रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच गई है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ यह विशेष अभियान शुरू किया है।‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस के सभी जिलों और कमिश्नरेट के साथ-साथ कोलकाता पुलिस भी संयुक्त रूप से अभियान चला रही है। पुलिस का लक्ष्य साइबर ठगी के मामलों की जांच को तेज करना और इस तरह के अपराधों के पीछे सक्रिय संगठित नेटवर्क तक पहुंचना है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विशेष अभियान के दौरान अब तक राज्यभर में 87 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में करीब 93.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जांच की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने 199 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य पुलिस की साइबर क्राइम विंग की निगरानी में आगे बढ़ाई जा रही है।