पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों से एक तरफ जहां भाजपा खेमे में दिवाली जैसा माहौल है वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खेमे में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। रुझानों में टीएमसी के पिछड़ने का असर कोलकाता से लेकर दिल्ली तक साफ देखा जा सकता है। देश की राजधानी दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आधिकारिक कार्यालय के बाहर आज सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। रुझानों में पार्टी को 100 सीटों के आसपास संघर्ष करते देख न तो कोई बड़ा नेता दफ्तर पहुंचा है और न ही कार्यकर्ताओं की चहल-पहल दिख रही है। वहीं कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर का माहौल भी आज अलग है। जहां आमतौर पर समर्थकों का हुजूम रहता था, वहां आज भाजपा समर्थकों के उत्साह और 'जय श्री राम' के नारों की गूंज सुनाई दे रही है।
हालांकि, भवानीपुर सीट से राहत की खबर यह है कि 7वें राउंड की गिनती के बाद ममता बनर्जी 17,371 वोटों से आगे चल रही हैं, लेकिन राज्य भर के रुझानों ने टीएमसी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
जंगलमहल के पुरुलिया जिले में भाजपा का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। मतगणना केंद्रों के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गेरुआ अबीर उड़ाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न शुरू कर दिया है। पुरुलिया में जगह-जगह "जय श्री राम" के नारे लगाए जा रहे हैं।