उन्नत सर्जिकल विशेषज्ञता और बहु-विषयक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए सम हॉस्पिटल ने दो दुर्लभ और अत्यंत जटिल सर्जरी मामलों का सफलतापूर्वक इलाज कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इन मरीजों को ओडिशा समेत राज्य के बाहर के कई अस्पतालों ने इलाज से मना कर दिया था, जिससे उनके ठीक होने की उम्मीद बेहद कम रह गई थी।
पहले मामले में मरीज की श्वासनली (ट्रेकिया) में गंभीर संकुचन के कारण पूरी तरह वायुमार्ग अवरुद्ध हो गया था, जो जानलेवा स्थिति थी। डॉक्टरों ने अत्यंत जटिल और विशेष तकनीक वाली “सिंगल स्टेज लैरिंगोट्रेकियल रिकंस्ट्रक्शन (SSLTR)” सर्जरी के जरिए मरीज का सफल इलाज किया। इस प्रक्रिया में असाधारण सर्जिकल कौशल और समन्वय की आवश्यकता होती है।
इस जटिल सर्जरी को डॉ. प्रियजीत पाणिग्रही (ईएनटी), डॉ. समीर पाणिग्रही (कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी) और डॉ. सुभजीत साहू की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह क्षेत्र में अपनी तरह की दुर्लभ सफल सर्जरी में से एक मानी जा रही है।
एक अन्य चुनौतीपूर्ण मामले में गर्दन में पाए जाने वाले दुर्लभ “नर्व शीथ ट्यूमर” का भी बहु-विषयक सर्जिकल पद्धति से सफल इलाज किया गया। इस टीम में डॉ. सुधाकर जेना, प्रवीण जगदेव, डॉ. साईरुद्र पुहान और डॉ. प्रत्युषकांति मिश्रा शामिल थे।
अस्पताल के निदेशक देव प्रसाद दास ने टीमों को बधाई देते हुए कहा कि “सटीकता, टीमवर्क और सफलता” ही इस उपलब्धि की कुंजी है। उन्होंने कहा कि सही निदान, सटीक सर्जरी, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और मरीजों के सफल उपचार पर विशेष ध्यान ही अस्पताल की कार्यशैली की पहचान है।
उन्होंने चिकित्सकीय टीमों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि संस्थान ऐसे चुनौतीपूर्ण और नवाचारी उपचारों के लिए पूर्ण लॉजिस्टिक सहयोग, प्रशिक्षित मानव संसाधन और क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इन ऐतिहासिक सफलताओं ने सम हॉस्पिटल की उन्नत, मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया है और इसे ओडिशा के तेजी से विकसित हो रहे प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल कर दिया है।