ओडिशा सरकार ने राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए मंगलवार को सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में परिवहन आयुक्त ने डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नरों (DTC), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO) और अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) के साथ सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर चर्चा की।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) कार्यालय में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए, जबकि फील्ड अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अधिकारियों को जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और लगातार प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाना और बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना आम लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है। उन्होंने कहा, “दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रवर्तन अभियान सुनियोजित, लगातार और प्रभावी होना चाहिए।
परिवहन आयुक्त ने जिन प्रमुख उल्लंघनों पर सख्त निगरानी की जरूरत बताई, उनमें शराब पीकर वाहन चलाना, मालवाहक वाहनों में यात्रियों को भरना, हाईवे पर अवैध पार्किंग, वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल शामिल है।
उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और स्थानीय सड़क सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन के बीच समन्वित कार्रवाई पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आरटीओ अधिकारियों को केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियमों और उनके उल्लंघन के परिणामों के प्रति जागरूक भी करना चाहिए। सड़क सुरक्षा को जन-जागरूकता अभियान के रूप में चलाने की आवश्यकता है।
बैठक में पिछले एक वर्ष के दौरान परिवहन सेवाओं के संचालन में आरीटीओ के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संकेत दिया कि अब सड़क सुरक्षा से जुड़ा प्रदर्शन भी आरटीओ अधिकारियों के मूल्यांकन का अहम आधार होगा।
परिवहन मंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में सुधार, वाहन फिटनेस मॉनिटरिंग को मजबूत करने और लापरवाही से वाहन चलाने पर नजर रखने के लिए तकनीक के बढ़ते उपयोग जैसे परिवहन क्षेत्र में चल रहे सुधारों की भी समीक्षा की।
अधिकारियों को यात्री वाहनों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्घटना संभावित सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।