ओडिशा में सिटी बस संचालन में ‘सेफ्टी फर्स्ट’ नीति पर जोर

  • Jan 06, 2026
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भुवनेश्वर,06 जनवरीः

सड़क सुरक्षा के प्रति ओडिशा सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए जनवरी 2026 में आम बस ऑपरेटरों की सड़क सुरक्षा पर व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आवास एवं शहरी विकास विभाग की प्रमुख सचिव उषा पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा प्रशासन को मजबूत करना, ऑपरेटरों और चालक दल में अनुशासन सुनिश्चित करना तथा सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग करना था, ताकि राज्य भर में सुरक्षित, भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

 प्रमुख सचिव ने सेफ्टी फर्स्टके स्पष्ट दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में संचालन की स्थिति, मानव संसाधन की तैनाती, प्रशिक्षण कवरेज और दुर्घटना आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई।

 वर्ष 2025 की दुर्घटनाओंघातक, गंभीर और मामूलीका गहन विश्लेषण किया गया। समीक्षा में यह सामने आया कि जहां भी चालक की गलती पाई गई, वहां कठोर अनुशासनात्मक और वैधानिक कार्रवाई की गई है, जिनमें नौकरी से बर्खास्तगी, निलंबन, ड्यूटी सूची से हटाना (डी-रोस्टरिंग) तथा संबंधित आरटीओ के साथ ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण साझा करना शामिल है। इससे असुरक्षित ड्राइविंग के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट होती है।

 बैठक का एक प्रमुख फोकस तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणालियों को अपनाने पर रहा। इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और ड्राइवर फटीग मॉनिटरिंग सिस्टम (DFMS) को शामिल करने की योजना पर चर्चा हुई, जिससे रियल-टाइम निगरानी, चालक की सतर्कता बढ़ाने और टक्कर के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। इन प्रणालियों के प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट परीक्षण पूरे हो चुके हैं और इन्हें बस बेड़े में व्यापक रूप से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

 इसके साथ ही, मजबूत अल्कोहल जांच व्यवस्था के महत्व को भी दोहराया गया। प्रतिदिन सैकड़ों अल्कोहल टेस्ट किए जा रहे हैं और नशे की हालत में पाए गए चालक या स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रमुख सचिव ने ऑपरेटरों को यातायात नियमों, लेन अनुशासन और गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के समापन पर सरकार ने दोहराया कि तकनीक समर्थित निगरानी, सख्त प्रवर्तन और ऑपरेटरों की जवाबदेही ओडिशा की सड़क सुरक्षा रणनीति की रीढ़ होगी। राज्य सरकार जिम्मेदार ड्राइविंग और सुरक्षित परिवहन की संस्कृति विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सार्वजनिक परिवहन न केवल प्रभावी बल्कि सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित भी हो।

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