ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) आगामी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों की तैयारी के तहत 26 अक्टूबर से राज्यव्यापी घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान शुरू करेगा। यह अभियान 7 नवंबर तक चलेगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिलाधिकारी (कलेक्टर), उप जिलाधिकारी तथा चुनाव प्रभारी अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आगामी चुनावों के सुचारु संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर सभी जिलाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव संतोष कुमार दास ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए 31 जुलाई तक सर्वेक्षण दलों का गठन कर दिया जाएगा।
प्रत्येक सर्वेक्षण दल में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता शामिल होंगे। ये टीमें घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं का सत्यापन करेंगी, मतदाता सूची की जांच करेंगी तथा उसमें मौजूद त्रुटियों और विसंगतियों को दूर करेंगी।
आयोग के अनुसार, प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन और उसके बाद संशोधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 फरवरी तक राज्य के सभी वार्डों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। यही सूची पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों का आधार बनेगी।
चुनाव तैयारियों के तहत आयोग ने पुराने मतपेटियों (बैलेट बॉक्स) की मरम्मत कराने और आवश्यकता के अनुसार नई मतपेटियां खरीदने का भी निर्णय लिया है।
स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग डी-डुप्लीकेशन (De-duplication) एप्लिकेशन भी लागू करेगा। यह डिजिटल प्रणाली एक ही मतदाता का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज होने की पहचान करेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत न हो और न ही कई जगहों पर मतदान कर सके।
आयोग का कहना है कि इस व्यापक सत्यापन अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता और सटीकता सुनिश्चित करना तथा स्थानीय निकाय चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाना है।