कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का सरकारी आवास खाली कराए जाने के मामले ने झारखंड की राजनीति को गरमा दिया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने इसे विभागीय प्रक्रिया बताते हुए सरकार का पक्ष रखा है। तीनों दलों के नेताओं के अलग-अलग बयानों से राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
वहीं, इस मामले पर झारखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस समय अंबा प्रसाद का आवास खाली कराया जा रहा है, वह समय उचित नहीं है। दीपावली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर इस तरह की कार्रवाई से बचा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अंबा प्रसाद को इस पूरे मामले में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि अधिकारियों की वजह से गलत समय पर आवास खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।
अंबा प्रसाद के सरकारी आवास को खाली कराए जाने की कार्रवाई अब प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन गई है। बीजेपी जहां इसे सरकार की बदले की राजनीति बता रही है, वहीं कांग्रेस ने कार्रवाई के समय पर आपत्ति जताई है। दूसरी तरफ जेएमएम इसे नियमों और विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।