राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अपने तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के दूसरे दिन गंजाम जिले के तप्तपानी स्थित मां कांधुनी देवी मंदिर और नीलकंठेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने ब्रह्मपुर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से लगभग 55 किलोमीटर की यात्रा कर तप्तपानी पहुंचीं। यह दक्षिण ओडिशा का प्रमुख आदिवासी आस्था स्थल है, जहां कंधा समुदाय मां कांधुनी देवी की पूजा करता है। मान्यता है कि देवी प्राकृतिक गर्म जलस्रोत के ऊपर विराजमान हैं।
तप्तपानी पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने पंथनिवास में कुछ समय बिताया, प्राकृतिक गंधकयुक्त गर्म जलकुंड में स्नान किया और भोजन के बाद मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। तप्तपानी मंदिर विकास समिति के सचिव रेडिका जानी ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। बड़ी संख्या में आदिवासी मंदिर परिसर के बाहर एकत्र हुए। राष्ट्रपति ने उनसे मुलाकात की और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट भी वितरित की।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मंगलवार सुबह "प्रेसिडेंट्स स्पेशल" ट्रेन से भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर पहुंची थीं। मौसम विभाग द्वारा बारिश की संभावना को देखते हुए इस विशेष रेल यात्रा की व्यवस्था की गई थी।