झारखंड में परिसीमन लागू करने के मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी दल जेएमएम और कांग्रेस पर इस मुद्दे पर जनता के बीच झूठा नैरेटिव सेट करने का गंभीर आरोप लगाया है। झारखंड में परिसीमन और आरक्षण के मुद्दे पर सियासी पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने पलटवार करते हुए जेएमएम और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने साफ तौर पर कहा है कि झारखंड के सत्ताधारी दल शुरू से ही महिला और एससी-एसटी विरोधी रहे हैं और इस मामले पर केवल और केवल सियासी ड्रामा किया जा रहा है।
बीजेपी का कहना है कि केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास के नारे के तहत समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि राज्य के दल इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। बहरहाल, परिसीमन के इस मुद्दे पर झारखंड की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक गर्म होने के आसार हैं। इस राजनीतिक घमासान में जनता किसे सही मानती है, यह तो वक्त ही बताएगा।