ओडिशा के स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के मूल्यांकन की प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में चार अनिवार्य मूल्यांकन किए जाएंगे। शिक्षक शिक्षा निदेशालय और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष को दो सत्रों में विभाजित किया गया है। पहला सत्र अप्रैल से सितंबर तक और दूसरा सत्र अक्टूबर से मार्च तक चलेगा।
पूरे शैक्षणिक वर्ष में विद्यार्थियों की दो फॉर्मेटिव असेसमेंट (एफए-1 और एफए-2) तथा दो समेटिव असेसमेंट (एसए-1 और एसए-2) परीक्षाएं होंगी।
प्रत्येक फॉर्मेटिव असेसमेंट प्रत्येक विषय के लिए 25 अंकों का होगा, जबकि प्रत्येक समेटिव असेसमेंट 50 अंकों का आयोजित किया जाएगा। नई मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य निरंतर आकलन और सत्रांत परीक्षा के माध्यम से पूरे वर्ष विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर प्रभावी निगरानी रखना है।
वहीं, कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में विशेष 'लर्निंग लैडर रजिस्टर' का उपयोग किया जाएगा। इस रजिस्टर में बच्चों की सीखने की प्रगति का हर महीने रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे उनकी क्षमताओं का आकलन कर आगे की शिक्षण योजना तैयार की जा सके।
शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए किसी भी प्रकार की औपचारिक लिखित परीक्षा पर रोक लगा दी है। इन कक्षाओं में शिक्षकों द्वारा बच्चों की सीखने की प्रगति का आकलन केवल कक्षा में उनकी दैनिक गतिविधियों, सहभागिता और प्रदर्शन के नियमित अवलोकन के आधार पर किया जाएगा।