ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (सोआ) में बुधवार से ‘साइबर सिक्योरिटी, एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज – सिक्योरिंग टुमॉरोज इंटेलिजेंट सिस्टम्स’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में प्रशासन, उद्योग, शिक्षा और रक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि सुरक्षित और बुद्धिमान डिजिटल भविष्य को लेकर चर्चा करेंगे।
यह सम्मेलन सोआ और अटल इन्क्यूबेशन सेंटर–सोआ फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। एआईसी-सोआ फाउंडेशन के निदेशक प्रोफेसर मानस कुमार मलिक ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के सामने मौजूद साइबर खतरों से निपटने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को नैतिक तरीके से अपनाने पर विचार-विमर्श करना है।
सम्मेलन में साइबर सुरक्षा के रोडमैप, डेटा सुरक्षा और एआई गवर्नेंस, उद्योग-शिक्षा-सरकार साझेदारी तथा शोध सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान साइब सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. एन.के. गोयल और सोआ के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप्त कुमार नंद के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
इससे पहले मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सोआ के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप्त कुमार नंद, डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सीईओ विनायक गोडसे, PricewaterhouseCoopers India के निदेशक डॉ. देवव्रत नायक, एआईसी-सोआ फाउंडेशन के निदेशक प्रोफेसर मानस कुमार मलिक तथा ITER के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर रेणु शर्मा उपस्थित थीं।