छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस जहां 67 हजार से अधिक नाम काटे जाने के विरोध में रैली निकालकर सवाल उठा रही है, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए मतदाता सूची में कथित तौर पर बाहरी लोगों के नाम शामिल होने का मुद्दा उठाया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पिछली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कुवैत के किसी मुसलमान का नाम मतदाता सूची में कैसे शामिल हो सकता है? ऐसे नामों को लेकर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गलत नाम 100 बार कटेंगे, चाहे कोई कुछ भी कहे। विजय शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देश देने की बात भी कही कि जिन नामों को मतदाता सूची से हटाया गया है, उनकी पूरी जानकारी और पते के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाए। उन्होंने कवर्धा शहर में फ्लैक्स लगाने और नामों की सूची कांग्रेस कार्यालय में सौंपने की बात भी कही। उनके इस बयान के बाद जिले में एसाईआर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के कार्यकाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए थे।
चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि जिले में ऐसे लोगों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए गए, जिनके नाम तीन अन्य शहरों में भी दर्ज हैं। उन्होंने मोहम्मद अकबर और उनके बेटे की कुछ लोगों के साथ तस्वीरों का हवाला देते हुए उन लोगों के सऊदी अरब से संबंध होने का दावा भी किया।