खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने सोमवार को स्पष्ट किया कि ओडिशा में ईंधन की कोई कमी नहीं है और राज्यभर में एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
लोक सेवा भवन के अन्नपूर्णा कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के प्रतिनिधियों के साथ पांच किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कमी से जुड़ी अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि ये छोटे सिलेंडर विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रधान सचिव ने जानकारी दी कि इच्छुक व्यक्ति अधिकृत वितरकों से वैध पहचान पत्र प्रस्तुत कर पांच किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए स्थायी पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित कर मौके पर ही कनेक्शन जारी कर रही हैं।
कार्रवाई संबंधी उपायों पर जोर देते हुए सिंह ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल अवैध विक्रेताओं पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और अनधिकृत बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
आपूर्ति की स्थिति पर उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है, जबकि वाणिज्यिक गैस की उपलब्धता धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और लगभग 70 प्रतिशत आपूर्ति बहाल हो चुकी है। कुल उपलब्ध गैस में से करीब 20 प्रतिशत आवश्यक संस्थानों जैसे अस्पतालों, स्कूलों, छात्रावासों और आहार केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को विशेष समितियों के माध्यम से स्थिति की निगरानी करने और वितरण व्यवस्था सुचारु रखने तथा लॉजिस्टिक समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विभाग ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ अभियान भी तेज कर दिया है। अब तक 1,633 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3,105 सिलेंडर जब्त किए गए और 288 मामले दर्ज किए गए हैं।
उपभोक्ताओं से अपील करते हुए सिंह ने एलपीजी सेवाओं के लिए डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने को कहा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी पुष्टि की है कि राज्य की मांग पूरी करने के लिए डीलर और वितरक स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
ओएमसी के नोडल अधिकारी कमल शील ने बताया कि घरेलू एलपीजी कनेक्शन ई-केवाईसी प्रक्रिया के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर खासतौर पर छात्रों और प्रवासी मजदूरों के लिए लाभकारी हैं, क्योंकि इसके लिए स्थायी पते का प्रमाण आवश्यक नहीं है।
राज्य सरकार तेल कंपनियों के साथ समन्वय में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को अनुचित एवं अवैध व्यापारिक गतिविधियों से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।